मंगलवार, 23 जून 2009

एक रात जैसे एक लम्हा......

जिंदगी आपको कब कौन सी खुशी दे दे, इसका अंदाजा आप नही लगा सकते। पिछले कुछ दिनों से मेरे साथ यही हो रहा है। जिंदगी के कैनवास से अगर कोई रंग धुल जाता है तो उसकी जगह कोई नया रंग ले लेता है, हांलाकि ये ज़रूरी नही कि खाली जगह एकदम से भर जाए। इंतज़ार करना बेवकूफी है, आप बस अपने काम में लगे रहिये। जीवन आपको किसी ऐसे रास्ते पर ज़रूर ले जाएगा जहाँ आप अकेले नही होंगे। तारीखों का ज़िक्र करना मैं ज़रूरी नही समझता फिर भी वो रात मैं नही भूल सकता, जब मैं खुशियों की आगोश में था। यकीन मानिये जब आप खुश होते हैं तब आप यही सोचते हैं कि जिस पल में आप खुश हैं, वो वही थम जाए... कल सुबह की ही बात है जब मैं उस हँसी मिजाज़ को रुखसत दे आया। खैर ये फासले ज़्यादा दिनों तक नही रहेंगे, मैं जानता हूँ...कुछ दिनों बाद मैं फिर से मुस्कुराऊंगा।

इस बार कोशिश यही कि इस बार मेरी मुस्कराहट, दबे पाँव से आए और रूह तक जा पहुंचे, किसी को पता भी न चले। वैसे किसी को पता चलता भी नही है। कल मैं अपने दोस्त के शॉप पहुँचा, देर रात को उसकी शॉप खुली हुई थी, मेरे साथ मेरा एक दोस्त भी था जो मेरे साथी ही ऑफिस में है। उसे सिगरेट लेनी थी और मुझे सिम, मेरा दोस्त जो शॉप में बैठा हुआ था उससे मुझे एक सिम खरीदनी थी, वो हम दोनों से बोला कि भाईसाब! आपको तो कहीं आने जाने का टाइम नही मिलता होगा न, मैंने कहा - नही मिलता भाई...(सच ही है)। पर उस वक्त उसने ये कहकर चौंका दिया कि आपको वैसे भी कही आने जाने की ज़रूरत नही है, क्योंकि खुशी आपके आस-पास जो रहती है। वो शायद मेरे काम की बात कर रहा था, जिसके साथी मैं हमेशा कुछ रहता हूँ, लेकिन मुझे अब भी वही खुशी याद आती है, जिसके हर पल रहने की उम्मीद मैं ख़ुद से करता हूँ....खैर इस वक्त मेरे बाजू में मेरा एक अभिन्न मित्र बैठकर प्रतीक्षा कर रहा है की मैं कब घर जाऊँ, और तो और एक दोस्त और आ गया है जिसे मैंने लस्सी लाने को कहा था....सही बात है, खुशी मेरे आस-पास ही है...जिसे मैं हर पल महसूस कर सकता हूँ.....(रात के १२ बजकर छे मिनट हो गए हैं और बीतने को एक लम्हा बाकी है। ) .....शब्बाखैर!!!

7 टिप्‍पणियां:

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

स्वागत है. शुभकामनायें.

Udan Tashtari ने कहा…

आईये और खुशियाँ बांटिये.

manoj ने कहा…

acha lekha chhapa he . apne ko tarashne ke liye aap ne ko jannan jaruri he ........... jo aap pana chahte ho wo aap ke paas hi he . janiye or hame bhi bataeye shabakhair................

नारदमुनि ने कहा…

ham log big khushi ke chakkar me chhoti chhoti bahut sari khushi ko mahasus hi nahi kar pate. lets make calender of happiness.narayan narayan

dweepanter ने कहा…

स्वागत है......

राजेंद्र माहेश्वरी ने कहा…

हिंदी भाषा को इन्टरनेट जगत मे लोकप्रिय करने के लिए आपका साधुवाद |

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।