गुरुवार, 11 मार्च 2010

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मुस्कुराएंगे, शर्मायेंगे, घबराएंगे, धडकनों का इम्तिहां होगा...
उनसे जब सामना होगा, पता नहीं क्या-क्या होगा?

(मेरा एक मित्र अपनी प्रेयसी से मिलने वाला थे पहली बार, उसके FB status को देखकर यही सूझा.)

5 टिप्‍पणियां:

Mithilesh dubey ने कहा…

बहुत कुछ हो सकता है ।

Udan Tashtari ने कहा…

सही सूझा!

रज़िया "राज़" ने कहा…

भई अब तो 33% हो चला है ज़रा संभल के....

संजय भास्कर ने कहा…

behtreen

Ram Krishna Gautam ने कहा…

Nice Lines Bhaiya!!!



"RAM"